नोएडा में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट!

जेवर हवाईअड्डे के विकास का अनुबंध देने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को

जेवर हवाईअड्डे के विकास का अनुबंध देने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को चुना गया है। इसके लिए जारी अंतराष्ट्रीय निविदा में इस कंपनी ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) और अडाणी एंटरप्राइजेज और एंकरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड जैसी कंपनी को पीछे छोड़ दिया।

दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा हवाईअड्डा होगा। अधिकारियों ने बताया कि स्विट्जरलैंड की कंपनी ने प्रति यात्री सबसे ऊंची बोली लगाई है। परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि जेवर हवाईअड्डा या नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जब पूरी तरह विकसित हो जाएगा तो यह 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा। इसकी अनुमानित लागत 29,560 करोड़ रुपए आंकी गई है।

इससे पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और गाजियाबाद में हिंडन हवाईअड्डा मौजूद है। परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि पूरी तरह बनकर तैयार होने के बाद जेवर हवाईअड्डे पर छह से आठ हवाई पट्टियां होंगी जो देश में अब तक किसी हवाई अड्डे की तुलना में सबसे अधिक होंगी

बताया जा रहा है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से डिजिटल होगा और 2023-24 से इस एयरपोर्ट पर उड़ान शुरू हो जाएंगी।

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